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राजस्थानी कला-संस्कृति के सदी के महानायक थे केसी मालू : देवनानी

‘स्वर सरिता भावांजलि विशेषांक’ का लोकार्पण, देश-दुनिया से मिले 6 हजार से अधिक स्मृति संदेश; विशेषांक टीम सम्मानित



जयपुर। राजस्थान की कला, लोकसंगीत और संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाले राजस्थान रत्न स्वर्गीय केसी मालू की स्मृति को समर्पित ‘स्वर सरिता भावांजलि विशेषांक’ का लोकार्पण समारोह जयपुर में हुआ। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राजस्थान धरोहर प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, सिविल लाइन्स विधायक गोपाल शर्मा, संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा और वरिष्ठ कला-संस्कृति व्यक्तित्व अशोक पंड्या सहित अन्य अतिथियों के साथ विशेषांक का लोकार्पण किया। देवनानी ने केसी मालू को राजस्थानी कला एवं संस्कृति के क्षेत्र का ‘सदी का महानायक’ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन कला, संस्कृति और लोकसंगीत को समर्पित किया तथा अनेक कलाकारों को मंच, अवसर और पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि केसी मालू भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके तैयार किए कलाकारों और राजस्थानी कला-संस्कृति के लिए किए कार्यों के माध्यम से उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। सिविल लाइन्स विधायक गोपाल शर्मा ने केसी मालू से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए कहा कि कलाकारों को आगे बढ़ाना और उन्हें उचित मंच देना उनकी प्राथमिकता रही। शर्मा ने कहा कि पद्मश्री सम्मान की चर्चा के दौरान भी मालू का विचार था कि सम्मान उन्हें नहीं, बल्कि उन कलाकारों को मिलना चाहिए जिन्हें उन्होंने तैयार किया। उन्होंने राजस्थान के पारंपरिक लोकगीतों को सहेजने, संग्रहित करने और संगीत के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मालू के योगदान का उल्लेख किया। राजस्थान धरोहर प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि केसी मालू ने राजस्थान की संगीत विरासत को सहेजने के साथ उसे देश-विदेश तक पहुंचाया। वीणा ग्रुप के प्रबंध निदेशक हेमजीत मालू ने कहा कि पिता के अधूरे सपनों को पूरा करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि केसी मालू दूरदृष्टि रखने वाले व्यक्तित्व थे और ‘काम की साधना’ पर जोर देते थे। उनके छोटे भाई वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल कुमार मालू और पुत्र प्रशन्नजीत मालू ने भी उनकी विचारधारा, मूल्यों और विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। करीब 200 पृष्ठों के विशेषांक में देश-विदेश से ई-मेल और डाक के माध्यम से मिले 6 हजार से अधिक स्मृति संदेशों में से चयनित करीब 400 से 500 श्रद्धांजलि और संस्मरण संदेश शामिल किए गए हैं। विशेषांक तैयार करने में करीब दो माह का समय लगा। इसमें केसी मालू के व्यक्तित्व, कृतित्व, संगीत साधना और राजस्थान की कला, संस्कृति तथा लोकसंगीत के लिए उनके योगदान को संस्मरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। समारोह में विशेषांक की टीम को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और बी.डी. कल्ला, पूर्व जयपुर महापौर ज्योति खंडेलवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल, एम.एस. बिस्सा, राजेंद्र भणावत, पूर्व कुलपति के.एल. जैन, फोर्टी के चेयरमैन अरुण अग्रवाल, के.सी. मोहंती, उद्योगपति अनूप भारतीया, राजेंद्र सिंह पंजाब, अजय चोपड़ा, पद्मश्री अहमद हुसैन, मोहम्मद हुसैन, पद्मश्री तिलक गीताई, पद्मश्री साकर अली और उद्यमी सौरभ कक्कड़ सहित कला, संस्कृति, संगीत, साहित्य, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। ‘स्वर सरिता’ के प्रबंध निदेशक हेमजीत मालू, जीतू मालू, देवदत्त शर्मा, गोपीनाथ भट्ट, प्रशन्नजीत मालू, मुकेश अग्रवाल, रुक्मिणीचंद दिवाकर, कुमेश जैन, अशोक यादव, राजेश जी सहित मालू परिवार के सदस्यों और सहयोगियों ने विशेषांक के प्रकाशन और समारोह के आयोजन में भूमिका निभाई। वक्ताओं ने कहा कि केसी मालू की विरासत उनके रचनात्मक कार्यों के साथ उन कलाकारों और सांस्कृतिक परंपराओं में भी दिखाई देती है, जिन्हें उन्होंने संरक्षण, मंच और पहचान दिलाई।

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